मंगलवार, 14 जनवरी 2025

एक जीव अपेक्षा गुणस्थानो का काल

*✍️ एक जीव अपेक्षा गुणस्थानो का काल*
https://youtu.be/0J0qMbTMdGY?si=4VNNjjiY-kh7wVb2
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मोह और मन, वचन, काय की प्रवृत्ति के कारण जीव के अंतरंग परिणामों में प्रतिक्षण होने वाले उतार चढ़ाव का नाम गुणस्थान है। परिणाम यद्यपि अनंत हैं, परंतु उत्कृष्ट मलिन परिणामों से लेकर उत्कृष्ट विशुद्ध परिणामों तक तथा उससे ऊपर जघन्य वीतराग परिणाम से लेकर उत्कृष्ट वीतराग परिणाम तक की अनंतों वृद्धियों के क्रम को वक्तव्य बनाने के लिए उनको 14 श्रेणियों में विभाजित किया गया है। वे 14 गुणस्थान कहलाते हैं। 

मिथ्यादृष्टि, सासादन, सम्यग्मिथ्यात्व, असंयत सम्यग्दृष्टि, संयतासंयत, प्रमत्तसंयत,अप्रमत्तसंयत, अपूर्वकरण, अनिवृत्तिकरण, सूक्ष्मसांपराय, उपशांत कषाय, क्षीणकषाय, सयोग केवली, अयोग केवली । 
यहां हम जीव का जो गुणस्थान है वह जीव उस गुणस्थान में कितने समय तक रह सकता है उसके बारे मे जानेगें

*01. मिथ्यात्व गुणस्थान :-*
जघन्य - अन्तर्मुहूर्त,  उत्कृष्ट - अनादि अनंत, अनादि सांत, सादि सान्त 
∆ सादि मिथ्याद्रष्टि का उत्कृष्ठ काल किंचित न्युन अर्द्धपुदग्ल परावर्तन काल
∆ अभव्य जीवो का अनादि अनंत
∆ अभव्य सम भव्य जीवो का अनादि अनंत
👉 अनादि अनंत वाले जीवो कभी सम्यक्त्व को प्राप्त नही होगे इसलिए इनका मिथ्यात्व कभी छुटता नही

*02. सासादन सम्यक्तव गुणस्थान :-*
जघन्य 01 समय, उत्कृष्ट 06 आवली

*03. सम्यग्मिथ्यात्व गुणस्थान :-*
जघन्य अन्तर्मुहूर्त (लघु अन्तर्मुहूर्त)  
उत्कृष्ट - अन्तर्मुहूर्त (02 समय कम 01 मुहूर्त)

*04. अविरत गुणस्थान :-*
*◆ उपशम सम्यग्द्रष्टि :-*
जघन्य से छह आवली कम एक अन्तर्मुहूर्त
उत्कृष्ट से यथायोग्य अन्तर्मुहूर्त
*◆ क्षयोपशम सम्यग्द्रष्टि :-*
जघन्य से अन्तर्मुहूर्त, उत्कृष्ट से 66 सागर
*◆ क्षायिक सम्यग्द्रष्टि :-*
जघन्य से अन्तर्मुहूर्त
उत्कृष्ट से 09 अंतरमुहूर्त कम 01 पूर्व कोटी अधिक + एक समय कम 33 सागर

*05. देशविरत गुणस्थान :-*
जघन्य से अन्तर्मुहूर्त,  
उत्कृष्ट - मनुष्य अपेक्षा 08 वर्ष अंतरमुहूर्त कम 01 पूर्व कोटी
सम्मूर्च्छन तिर्यंच अपेक्षा उत्कृष्ठ 03 अन्तर्मुहूर्त कम 01 पूर्वकोटि  

*06. प्रमत्तसंयत गुणस्थान :-*
जघन्य से अंतर्मुहूर्त, मरण अपेक्षा 01 समय  
उत्कृष्ट - अंतर्मुहूर्त 

*07. अप्रमत्तसंयत :-*
जघन्य  मरण अपेक्षा 01 समय
उत्कृष्ट अंतर्मुहूर्त (06 वे गुणस्थान से आधा)  

*08. अपूर्वकरण गुणस्थान :-*
जघन्य मरण अपेक्षा 01 समय,  उत्कृष्ट अंतर्मुहूर्त
👉 विशेष - अपूर्वकरण गुणस्थान मे चढते समय प्रथम समय मे मरण नही होता दूसरे समय मे हो सकता है।

*09. अनिवृतिकरण गुणस्थान :-*
जघन्य मरण अपेक्षा 01 समय 
उत्कृष्ट से अंतर्मुहूर्त

*10. सूक्ष्मसाम्पराय गुणस्थान :-*
जघन्य - मरण अपेक्षा 01 समय 
उत्कृष्ट से अंतर्मुहूर्त

*11. उपशान्तमोह गुणस्थान :-*
जघन्य - आयु क्षय के कारण 01 समय भी
उत्कृष्ट - अन्तर्मुहूर्त (02 क्षुद्रभव यानि 1/12 सेकण्ड)

*12. क्षीणमोह गुणस्थान :-*
काल - अन्तर्मुहूर्त (04 क्षुद्रभव (1/6 सेकण्ड)

*13. सयोगकेवली :-*
जघन्य - अन्तर्मुहूर्त
उत्कृष्ट - 08 वर्ष अन्तर्मुहूर्त कम 01 पूर्व कोटी

*14. अयोगकेवली गुणस्थान :-*
05 ह्रस्व अक्षरों अ, इ, उ, ऋ, लृ का उच्चारण काल जितना
एक जीव अपेक्षा गुणस्थानो का काल का वर्णन पूर्ण हुआ 
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*आगम के परिपेक्ष में (शलभ जैन)*



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